क्या है सिलिकोसिस बीमारी और इसका कारण क्या है

Silicosis (धूलि फुफ्फुसार्ति) एक तरह के फेंफड़ो की समस्या है। silica के कारन silicosis होता है। पत्थर , रेत और कई अन्य खनिज पदार्थो में silica मौजूद होता है। silicosis की समस्या उन ब्याक्तिओं को होता है जो silica मौजूद इलाको में काम करते है।

सिलिकोसिस क्या होता है ? What is Silicosis in Hindi

जैसे पत्थर तोड़ने का काम या फिर खनिज पदार्थो को खादान से निकालने का काम। सांस लेते समय silica के कण धुल के साथ फेंफड़ो में चला जाता है। जिस कारन फेंफड़ो में गंभीर घाव बन सकते है और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

Silicosis Meaning in Hindi: Silicosis (धूलि फुफ्फुसार्ति) एक तरह के फेंफड़ो की समस्या है। silica के कारन silicosis होता है। पत्थर , रेत और कई अन्य खनिज पदार्थो में silica मौजूद होता है।

तो आज हम आपको silicosis के लक्षण और उससे बचने का तरीका बताएँगे।

सिलिकोसिस 3 तरह के होते है – Types of Silicosis Disease in Hindi

Acute ( तीब्र )

जब silicosis की समस्या बहुत ज्यादा तीब्र या गंभीर हो तो ऐसे में आपके फेंफड़ो में सुजन बन जाते है। आपके फेंफडे पानी जैसे पदार्थ से भर जाते है। जिस कारन आपके खून में oxygen की कमी हो जाती है और आपको सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो सकता है।

Silicosis Cause in hindi

लगातार silica मौजूद जगहों पर काम करने से या रहने से ये तकलीफ हो सकती है। acute silicosis होने का लक्षण २ हफ्ते से २ साल के बीच में दिखने लगता है।

Chronic ( जीर्ण )

ऐसे हालत में धुल के साथ silica आपके फेंफड़ो में चला जाता है, जिस कारन आपके फेंफड़ो और लसीकापर्व में सुजन हो जाती है। ऐसे में भी आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। chronic silicosis का कोई लक्षण नहीं होता और अचानक ही परिस्थिति गंभीर हो जाता है।

Accelerated (त्वरित)

ऐसे हालत में आपके फेंफड़ो पर कई सुजन बन जाते है। ५ से १० सालो तक अक्तिरिक्त मात्रा में silica मौजूद इलाको में काम करने पर ऐसे हालत हो सकता है। accelerated silicosis का लक्षण हर रोज और ज्यादा ख़राब होता जाता है।

सिलिकोसिस होने के कारन – Silicosis Cause in Hindi

जैसा की हमने पहले बाताया की अतरिक्त मात्रा में silica मौजूद जगहों पर काम करने से या रहने से silicosis की समस्या हो सकती है। तो आईये जान लेते वो कौन सा काम है जिसे करने पर silicosis होने की संभावना बड जाती है।

  • कांच निर्माण का काम
  • सुरंग का काम
  • किसी भी तरह के निर्माण कार्य
  • कोयला के खादान में काम
  • मकान बनाने का काम
  • रेत का काम
  • चीनि मिटटी का काम
  • उत्खनन
  • पत्थर काटना
  • इस्पात कारखानों में काम

Silicosis होने के कई और लक्षण भी होते है जैसे – लगातार खांसी होना, सांस लेने में तकलीफ, थकान, जल्दी जल्दी सांस लेना, बुख ना लगना और वजन घट जाना, सीने में दर्द होना, बुखार आना, त्वचा का रंग गाड़ा या नीला पड़ जाना और नाखून का टूटना।

ये सब silicosis होने के गंभीर लक्षण हो सकते है। तो silica मौजूद इलाको में काम करने वाले या रहने वाले लोगो को अगर ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत doctor से जांच करवाए।

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Dr. Devansh Singh
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